चटाई बिछा कर किरासन तेल वाली लालटेन पर उमस वाली गर्मी में पढ़ी गयी सातवीं कक्षा के भूगोल के किताब वाले एल्प्स पर्वत के साथ की गयी दोस्ती कभी तनहा नहीं गुजरी, गर्म शीशे को फूंक कर अजीब सी शक्ल वाले गुलदस्ते बेचने वाली
बंजारन के कान के झुमकों की तरह
एक ही आव्रिति में डोलते बच्चों में कितनी बार बहस हुई थी - "जानता है जी, एल्प्स पे हमेशा बर्फ रहता है"
"अच्छा तुम तीसरा अध्याय भी पढ़ लिया? "
"हाँ लेकिन हिमालय सबसे ऊँचा है,वहाँ शंकर जी रहते हैं"
"हाँ हमको मेरे पापा बताये हैं"
यूँ एल्प्स पे पिघलती बर्फ की ठंडक की साथ सर्द हवा सोमवार की प्रोडक्टिव लाइफ का दम घोंटा करती है, कि अब वो बच्चे स्कूल नहीं जाते, बंजारन भी गर्मियों के इन्तेजार में है। पापा को शक है की हिमालय भी एल्प्स की तरह ही होगा और शंकर जी ने रहने की जगह बदल ली होगी
जॉम्बीज घुमा करते हैं, सूट पहन कर मेट्रो और बसों में।