वो वाला चाँद..
जो पूरा चाँद था
सबसे बड़ा वाला
झील में यूँ झाँका करता था
जैसे उसकी बॉल चली गयी हो...
और झांकते झांकते
झील में गिर जाता था।
उसे कोई एक फूंक मार कर बचाने को कितनी बार जी चाहा होगा,
बस्ते में उसको अपने चुराए चॉकलेट से भी ज्यादा दिनों तक संभाल कर रखता,
चाँद में चीटियाँ लगती होंगी क्या?
फिर माँ दीवाली की सफाई में उसको हड़प कर हमें छूने नहीं देती,
सजा कर गेस्टरूम के पुराने बेमेल पायों वाले टेबल पे रख देती।
और फिर हमारे घर में ही रहता...
वो वाला चाँद,
जो पूरा चाँद था
सबसे बड़ा वाला